इंसान और ईर्ष्या

कहने को तो ईर्ष्या पर काफी कुछ शोध किया जा चुका है, लेकिन ईर्ष्या कितने प्रकार की है इसपर ज्यादा चर्चा नहीं हुई है।इसलिए ईर्ष्या कितने प्रकार की होती है ये मैं आपको बताता हूं। हालाकि ईर्ष्या कैसी होगी ये पूरी तरह इसपर निर्भर करता है कि ईर्ष्यालु व्यक्ति कैसा है। यानी जितने प्रकार का इंसान है उतने ही प्रकार की ईर्ष्या भी होती है। तो प्रस्तुत है कुछ प्रमुख इंसानो की प्रजाति और उनसे जुड़ी ईर्ष्या-
(1) वाचाल ईर्ष्यालु- इस प्रकार के ईर्ष्यालु व्यक्ति का कोई स्तर नहीं होता। ऐसे वाचाल ईर्ष्यालु अपने अंदर की ईर्ष्या को पचा नहीं पाते और जिस किसी व्यक्ति से ये ईर्ष्या करते हैं,उनसे अपने अंदर की ईर्ष्या के भाव ये छुपा नहीं पाते।इसलिए ये जिससे ईर्ष्या करते है ,उसका नाम ले ले कर चारों तरफ उसकी निंदा करते हैं। जिससे सामने वाले व्यक्ति को पता चल जाता है कि ये व्यक्ति मुझसे ईर्ष्या करता है।
(2) आदर्श ईर्ष्यालु - सच पूछो तो इस कटेगरी के व्यक्ति आदर्श ईर्ष्यालु होते हैं। ये अपने अंदर की ईर्ष्या को कभी जाहिर नहीं होने देते। ऐसे ईर्ष्यालु व्यक्ति गांधी जी के तीन बन्दरों में से उस बंदर की तरह होते हैं, जिसके मुह पर हाथ होता है। यानी ऐसे व्यक्ति अपने मुह से किसी की बुराई नहीं करते। लेकिन बुरा देखने और बुरा सुनने में इनको बहुत आनंद आता है। ऐसे ईर्ष्यालु बहुत समझदार भी होते हैं। वो जिस किसी से भी ईर्ष्या करते हैं, उसी व्यक्ति से ईर्ष्या करने वाले अन्य वाचाल ईर्ष्यालु इंसान की खोज कर लेते हैं। फिर जब वाचाल ईर्ष्यालु उस व्यक्ति की निंदा करता है तो उसे सुनकर मन ही मन आनंदित होते रहते है।लेकिन मजाल है कि अपने मुह से कुछ बोल दे।
(3) नैतिक ईर्ष्यालु- ऐसे ईर्ष्यालु स्वभावतः अच्छे व्यक्ति होते हैं।या यूं कह लीजिए कि वो खुद को अच्छा व्यक्ति मानते हैं। अब चूँकि इनको पता है कि अच्छे और नैतिक व्यक्ति को ईर्ष्या नहीं करनी चाहिए। यही सोचकर ये अपने हृदय से स्वतः उत्पन्न होने वाली ईर्ष्या से वीरों की तरह लड़ते हुए उसे अंदर ही दबाते रहते हैं।वो अलग बात है कि जितना ही ज्यादा वो अपनी ईर्ष्या को दबाते हैं वो उतना ही प्रबल होकर नाग की तरह फन उठाती रहती है।
(4) दुष्ट ईर्ष्यालु- ऐसे व्यक्ति मात्र निंदा नहीं करते ना ही जिससे वो ईर्ष्या करते हैं उसकी निंदा सुनकर ही इनके कलेजे में ठंडक पड़ती है। बल्कि ये इससे आगे निकल जाते हैं। ऐसे ईर्ष्यालु जिस व्यक्ति से ईर्ष्या करते हैं उसको शारीरिक या आर्थिक नुकसान पहुंचा देते हैं। ये सबसे निम्न स्तर के ईर्ष्यालु होते हैं।
(5) मुह में राम बगल में छुरी वाले ईर्ष्यालु- ऐसे ईर्ष्यालु जिस किसी व्यक्ति से ईर्ष्या करते हैं उनसे जाकर चिपक जाते हैं।और उस व्यक्ति को ये अहसास दिलाते हैं कि उनसे बड़ा हमदर्द उनका कोई नहीं है।इस तरह भरोसा जीत कर ये ईर्ष्यालु उस व्यक्ति पर घात लगाकर हमला करते हैं।
(6) हमदर्द ईर्ष्यालु- ऐसे ईर्ष्यालु बहुत तिकड़मबाज होते हैं। वो जिस किसी व्यक्ति से ईर्ष्या करते हैं, उसके मुह पर ही उसकी बुराई कुछ इस तरह करते हैं जैसे वो उनके बहुत बड़े हमदर्द हैं और वो कमियां मात्र इसलिए निकाल रहे हैं ताकि वो उस व्यक्ति में सुधार लाना चाहते हैं।
ये थे कुछ ईर्ष्यालु व्यक्ति और उनसे जुड़ी हुई ईर्ष्या के प्रकार। पर ले लिस्ट अभी पूरी नहीं है। क्योंकि ईर्ष्या सार्वभौमिक है और ईर्ष्यालु अनेक हैं।

                     ©️ दीपक शर्मा 'सार्थक'




Comments

Popular posts from this blog

एक दृष्टि में नेहरू

वाह रे प्यारे डिप्लोमेटिक

क्या जानोगे !