आधुनिक चीरहरण
अवसरवादी चुप थे क्योंकि
दुर्योधन उनकी पार्टी का नेता था !
बड़के तीसमार खां भी चुप रहे क्योंकि
दुर्योधन उनकी आय से अधिक
संपत्ति की जांच करवा देता !
केंद्र की सत्ता में बैठे
दुर्योधन के बाप ने भी आखें
बंद कर रखी थी क्योंकि
दुर्योधन ही विधानसभा चुनाव
जीता सकता था !
बुद्धिजीवी भी चुप ही रहे क्योंकि
दुर्योधन जैसे दुष्ट के मुह लगके
वो अपनी इज्जत नहीं कम करना चाहते थे !
विपक्ष भी थोड़ा बहुत सोशल मीडिया
पर उछल कूद करके शांत हो गया क्योंकि
विपक्ष कायर था और दुर्योधन से डरता था !
बची वहाँ की जनता
तो वो भी चुप रही क्योंकि
कोऊ नृप होय उन्हे का हानी !
©️ दीपक शर्मा 'सार्थक'
©️
Comments
Post a Comment