क्या हो गया है शब्दो को ? एकदम खोखले..संवेदनहीन बूढ़े..जर्जर जैसे दिवालिया हो गए हैं ! क्या हो गया है शब्दो को ? न जज़्बात न वेदना न उत्साह न अपनापन जैसे मर से गए हैं ! क्या हो गया है...
पतंजलि राइस सबसे नाइस, देश के हर कोने से सर्वश्रेष्ठ चावलो का कलेक्सन प्रस्तुत करते हैं "बड़ी ख़बर !" पावर्ड बाई..प्लास्टो टैंक.." प्लास्टो है तो गारन्टी है !" "दिव्या बोले तो परफ...
जाने क्यों,बदले-बदले से लगते हो ! न वो मोहोब्बत है न ही वो चाहत है न वो सुकूं है न ही वो राहत है न कोई शिकवा है न ही शिकायत है न वो कशिश है न वो शरारत है जाने क्यों, बदले बदले से लगते ह...